कैसे बनेगा दहेज मुक्त भारत
वर्तमान में हमारे समाज में दहेज एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है और इस दहेज रूपी राक्षस के कारण हजारों बहन बेटियां अपना जीवन बर्बाद कर चुकी है क्योंकि हर व्यक्ति इतना अमीर नहीं होता कि वह दहेज दे सके।
वर्तमान में हमारे समाज में दहेज एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है और इस दहेज रूपी राक्षस के कारण हजारों बहन बेटियां अपना जीवन बर्बाद कर चुकी है क्योंकि हर व्यक्ति इतना अमीर नहीं होता कि वह दहेज दे सके।
A real story about dowry.
एक समय की बात है एक पिता था,जिसके दो पुत्र थे,उस पिता ने दोनों को शिक्षा दिलाई परंतु बड़ा पुत्र शिक्षा में रुचि नहीं रखता था। और वह खेती में अपना ध्यान देता था।
छोटा पुत्र शिक्षा में रुचि रखता था,इसलिए पिता ने बड़े पुत्र को खेती संभला दी और छोटे पुत्र को शिक्षा दिलाई।
छोटा पुत्र पढ़ - लिख कर एक कॉलेज प्रोफेसर बन गया और बहुत अमीर हो गया,परंतु बड़ा पुत्र केवल किसान ही बना। पिता ने दोनों की शादी कर दी,कुछ समय बाद पिता की मृत्यु हो गई।
छोटा पुत्र जो कि प्रोफेसर था उसे एक पुत्र तथा एक पुत्री की प्राप्ति हुई और जो बड़ा पुत्र किसान था उसे 2 पुत्रियों की प्राप्ति हुई।
इनके युवा होने पर उस प्रोफेसर ने अपनी बेटी का विवाह करना चाहा,विवाह के अंदर उसने अपने दामाद को एक कार तथा सोने-चांदी के जेवरात दिए,जिसे हम दहेज कहते हैं
किसान यह देख कर बार बार सोचता की मैं अपनी पुत्रियों का विवाह कैसे करूंगा,मेरे पास इतना धन भी नहीं कि मैं उन्हें कुछ दहेज में दे सकूं।
परंतु कहा जाता है पिता तो पिता ही होता है वह अपनी संतान के लिए सब कुछ कर सकता है उसने अपनी सारी जमीन बेच दी तथा अपनी पुत्रियों की शादी कर दी।
लेकिन उसके द्वारा दिया गया दहेज बहुत कम था लड़की वाले लड़कियों को मारने पीटने लगे और दहेज की मांग करने लगे, इससे परेशान होकर किसान की पुत्री ने आत्महत्या कर ली। जिससे किसान को बहुत बड़ा सदमा पहुंचा है कि उसने अपनी पूरी जमीन बेचकर अपनी पुत्री की शादी करी,फिर भी वह सुखी नहीं रह पाई,उसे इस बात का बहुत दुख हुआ और किसान ने भी आत्महत्या कर ली, तथा किसान की पत्नी ने भी जहर ले लिया।
इस तरह इस दहेज रूपी राक्षस के कारण पूरे परिवार का सर्वनाश हो गया
जिस लड़की को किसान ने 18 साल तक अपने जिगर का टुकड़ा समझ कर पाला-पोषा उससे बड़ा दहेज क्या हो सकता है, फिर भी वर्तमान में दहेज के भूखे लोग बहन बेटियों को प्रताड़ना देते हैं कि तुम्हारे पिता ने दहेज नहीं दिया क्या ऐसे लोग समाज में रहने के हकदार हैं क्या यही है हमारे भारत देश की सभ्यता और संस्कृति!
जो लोग देहेज देते हैं और जो लोग दहेज लेते हैं उन्हें ऐसा देखकर एक गरीब व्यक्ति भी यही सोचता है कि मैं भी दहेज दूं परंतु वह दहेज नहीं दे पाता और दहेज के लालची लोग बहन बेटियों को परेशान करने लगते हैं कि क्या दिया है तेरे बाप ने
दोस्तों बेटी हमारे लिए दहेज से बहुत बढ़कर है क्योंकि एक व्यक्ति की कीमत पैसों से बहुत अधिक होती है.
How To Make Dowry Free India{कैसे बनेगा दहेज मुक्त भारत}
दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय समाज सेवा समिति द्वारा एक अद्भुत मिसाल कायम की गई जिसमें लाखों बेटियों ने दहेज मुक्त विवाह कराया तथा एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो कि आज तक किसी ने नहीं बनाया
संत रामपाल जी महाराज के आदर्शों पर चलने वाली और उनके द्वारा बनाई गई राष्ट्रीय समाज सेवा समिति हमारे देश की ऐसी समिति है जिसमें ₹1 तक दहेज नहीं लिया जाता,मात्र 17 मिनट में विवाह पूर्ण हो जाता है और एक सुखी जीवन पति-पत्नी को प्राप्त होता है
और संत रामपाल जी महाराज के आदर्शों पर चलने वाले उनके शिष्य ना कोई दहेज लेते हैं ना कोई दहेज देते हैं ना किसी प्रकार का नशा करते हैं वह केवल एक सादा जीवन जीते हैं और एक परमेश्वर की भक्ति करते हैं आप भी संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर शरण ग्रहण करें और एक सुखी जीवन जिये जिससे हमारा समाज भी सुधर सके।
आप भी एक स्वच्छ समाज के निर्माण में भागीदारी दे संत रामपाल जी द्वारा बताए गए भक्ति मार्ग पर चले तथा एक बार निर्णय लें कि हमें एक सच समाज का निर्माण करना है।
आप भी एक स्वच्छ समाज के निर्माण में भागीदारी दे संत रामपाल जी द्वारा बताए गए भक्ति मार्ग पर चले तथा एक बार निर्णय लें कि हमें एक सच समाज का निर्माण करना है।
एक विवाह यह भी
संत रामपाल जी महाराज का सत्संग आप निम्न चैनल पर देख सकते हैं
साधना टीवी प्रतिदिन शाम 7:30pm से 8:30pm
Haryana news channel morning-6 lam to7am
Shraddha TV 2pm to 3pm
TV CHANNEL
आध्यात्मिक रहस्य को सुलझाने वाली तथा हमें जीने की राह बताने वाली पुस्तकें जिनसे हमारे सारे दुखों का निवारण होगा हमें एक सुखी मानव जीवन प्राप्त होगा तथा इन पुस्तकों के माध्यम से हमें पता चलेगा
1. ब्रह्मा विष्णु महेश के माता पिता कौन है?
2. शेरावाली माता दुर्गा अष्टमी का पति कौन है?
3. हरे राम हरे कृष्णा राधे राधे श्याम मिलादे ओम नमः शिवाय आदि मंत्रों के जाप से मोक्ष संभव है या नहीं?
4. पूर्ण गुरु की क्या पहचान है किसी भी गुरु की शरण में जाने से मोक्ष संभव है या नहीं?
5. ब्रह्मा विष्णु महेश किसकी भक्ति करते हैं?
6. यदि आत्मा परमात्मा का अंश है तो मन किस का अंश है?
7. सत्संग क्या होता है और इसके सुनने से हमें क्या प्राप्त होता है?
2 शब्द में इन लाइनों के द्वारा बताना चाहूंगा
खेतों को रख गिरवी यह पैसा आया है
फिर भी तुम्हारा मन नहीं भर पाया है..
क्या किसी की बेटी थी परवाह नहीं
याद तुम्हारी फरमाइश को था कुछ पर्याप्त नहीं..
दहेज के पैसों की धौंस दिखाओगे
क्या इससे तुम अपनी शान बढ़ पाओगे.
न जाने यह दहेज कितनी बेटियों को खा गई
एक पिता की पुत्री होने का दुख जता गई...
क्यों करते हो अपना मोलभाव
क्यों घटाते हो अपना ही प्रभाव..
पैसों वाली लक्ष्मी का नहीं साक्षात लक्ष्मी का स्वागत करो
बिना दहेज वाली शादियों से समाज को अवगत करो..
Note:- इस पुस्तक को फ्री में प्राप्त करने के लिए कमेंट बॉक्स में हमें अपना नाम पता फोन नंबर अवश्य दें
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